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in Shatkarmas (Cleansing) by
humko english mein problem hai . Kya aap kapalbhati hindi mein samjah sakte hai?
Country India

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by Top Expert

आइए देखते हैं कि हठ योग प्रदीपिका जो की हठ योग पर उत्कृष्ट पुस्तक है कपालभाति के बारे में क्या कहती है |
'कपालभाति' शब्द को दो शब्दों में तोड़ते हैं। पहला शब्द है 'कपाला' जिसका अर्थ है मस्तिष्क और दूसरा शब्द 'भाति’ जिसका अर्थ है चमकना। तो इसका मतलब है कि इस प्राणायाम के अभ्यास से हमारा मस्तिष्क अपनी कोशिकाएँ में ऑक्सीजन भरपूर होने की वजह से चमकता है |

धौतिर्बस्तिस्तथा नेतिस्त्राटकं नौलिकं तथा |
कपाल-भातिश्छैतानि षहट-कर्माणि परछक्ष्हते || २२ ||

हठ योग प्रदीपिका कपाल भाति को षट्कर्मो में भी सम्मिलित करता है | षट्कर्म का हठ योग में विशेष स्थान है क्योंकि की यह ६ क्रिया शरीर और मन को शुद्ध  सहायक होती है |

अथ कपालभातिः
भस्त्रावल्लोह-कारस्य रेछ-पूरौ ससम्भ्रमौ |
कपालभातिर्विख्याता कफ-दोष्ह-विशोष्हणी || ३५ ||

कपालभाति कैसे करते है ?

  1. किसी भी ध्यान मुद्रा में सबसे पहले आराम से बैठ जाएं - पद्मासन या वज्रासन। हमेशा अपनी पीठ सीधी रखें।
  2. कपालभाति शुरू करने से पहले 2 या 3 गहरी साँस लें।
  3. सतर्कता से, पेट से, बार-बार साँस छोड़ें। केवल साँस छोड़ने पर ही ध्यान दे (इसे सक्रिय साँस छोड़ना कहा जाता है)। साँस छोड़ने के बाद, श्वास स्वत: ही फेफड़ो में भर जाती है (इसे निष्क्रिय साँस लेना कहा जाता है)।
  4. ऐसा आप २०-३० बार (स्ट्रोक) ही करें | यह एक राउंड माना जाता है |
  5. शुरुआत में हर राउंड में 20-30 बार (स्ट्रोक) ही धीरे-धीरे साँस छोड़ने की आवृत्ति बनाये ।
  6. हर राउंड के अंत में, धीरे-धीरे बाकी फेफड़ो में शेष सांस को बाहर निकल दें है। इसके बाद, अपनी श्वास को सामान्य करें और आराम करें।

ऐसे आप 5 राउंड कर सकते है |
बाद में लगातार साप्ताहिक अभ्यास के बाद, आप हर राउंड में 60 स्ट्रोक तक बढ़ा सकते है | साथ में अपनी क्षमता अनुसार राउंड्स को भी बढ़ा  सके है और स्ट्रोक भी |

इस अभ्यास में यहाँ मुख्य बिंदु पेट की मांसपेशियों (और छाती की मांसपेशियों) का उपयोग करके जोरदार साँस छोड़ना है। आपको अपनी क्षमता के स्तर पर ही इसका अभ्यास करना चाहिए।  

इस अभ्यास के अंत में, सांस का अस्थायी निलंबन होता है और फिर शांति और शांतिपूर्ण शांति की भावना होती है। यह सहज कुंभक है।

कपालभाति के दौरान सावधानियां

  •     यदि आपको कमर का दर्द है, उच्च रक्तचाप है, हृदय रोग है  या कोई हाल में सर्जरी हुई हो तो पहले डॉक्टर से सलाह करे, अन्यथा न ही करें|
  •     गर्भधारण अवस्था में न करें|
  •     रीढ़ के रोगों में भी वर्जित  है|
  •     कमर हमेशा सीधी रखे |
  •     कंधो को न हिलाये|

कपालभाति के लाभ और फायदे

  1. इससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और कार्बनडाइऑक्साइड बाहर निकलजाती है, और
  2. आंतो, लिवर और पैंक्रियास पर अच्छा प्रभाव पड़ता है जिससे डायबिटीज, कब्ज, आदि रोगो में फ़ायदा होता है|
  3. नासिका के रोग जैसे साइनोसाइटिस में लाभ मिलता है यदि नेति क्रिया की जाए|
  4. मन बहुत शांत होता है |

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